Jamshedpur : हाल ही में सामने आए विवाद और पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच कुणाल वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन पर और उनके परिवार पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी विभिन्न समाचार पत्रों और समाचार एजेंसियों के माध्यम से मिली।
कुणाल वर्मा ने कहा कि उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर पत्नी के साथ मारपीट करने, उसे घर नहीं ले जाने और दहेज मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी अपनी पत्नी को घर छोड़ने के लिए नहीं कहा। उन्होंने बताया कि पत्नी के प्रसव के समय वह स्वयं अस्पताल में मौजूद थे और प्रसव के बाद उन्होंने पत्नी हेमलता से उनके साथ घर चलने और मिलकर नवजात बच्ची की देखभाल करने का अनुरोध भी किया था।
उनके अनुसार, पत्नी ने अपने परिवार, कुछ दूर के रिश्तेदारों और स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले लोगों के प्रभाव में आकर उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। कुणाल वर्मा ने यह भी कहा कि उनकी बहनों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी एक बहन धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी हैं और उन पर पत्नी को किसी प्रकार की पुरानी दवाइयां या धार्मिक वस्तुएं देने के आरोप लगाए गए हैं, जो पूरी तरह गलत हैं। वहीं दूसरी बहन अपने पति के साथ नागपुर के पास रहती हैं और बड़े भाई ओडिशा में रहते हैं।
उन्होंने अपनी दिवंगत माता मीना देवी का उल्लेख करते हुए कहा कि शादी के कुछ समय बाद ही कैंसर के कारण उनकी माता का निधन हो गया था, ऐसे में उन पर लगाए गए आरोप भी आधारहीन हैं। दहेज के रूप में 6 लाख रुपये मांगने के आरोपों को भी उन्होंने सिरे से खारिज किया और कहा कि उनके समाज में दहेज प्रथा प्रचलित नहीं है।
कुणाल वर्मा का कहना है कि पत्नी के कुछ रिश्तेदारों और कथित सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के कारण उन्हें कभी अपनी पत्नी के साथ बैठकर बातचीत और सुलह का अवसर नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि आज भी उनकी इच्छा है कि उनकी पत्नी और बेटी उनके साथ सामान्य पारिवारिक जीवन बिताएं और वह खुले दिल से उनका स्वागत करेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में पुलिस जांच होती है तो वह पूरी तरह सहयोग करेंगे और उन्हें भरोसा है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी।