झारखंड में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाते हुए दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की जानकारी स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।
उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण यह निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चाईबासा के आयुक्त और रांची के एडीजी संबंधित क्षेत्रों में लगातार कैंप कर प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। वहीं, जमशेदपुर के डीआईजी को शहर में रहकर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार के लिए जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को मुख्यमंत्री के कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में राज्य, विशेषकर कोल्हान क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की घोषणा स्वयं सार्वजनिक मंच से कर सरकार की अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का स्पष्ट संकेत दिया है।
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