डबल डाउन हत्याकांड: थाना प्रभारी निलंबित, बार सील, एसएसपी हटे... लेकिन टाइगर मोबाइल जवान पर कार्रवाई कब?


जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार के सामने हुए चर्चित हत्याकांड के बाद प्रशासन ने कई बड़े फैसले लिए हैं। बिष्टुपुर थाना प्रभारी को जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को नया थाना प्रभारी बनाया गया।

 जिला प्रशासन ने उपायुक्त के आदेश पर डबल डाउन बार को सील कर दिया, जबकि झारखंड के मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी को भी पद से हटा दिया गया।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है।

 प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय मौके पर टाइगर मोबाइल का एक जवान भी मौजूद था। यदि ऐसा था, तो उसकी भूमिका क्या रही? क्या उसने समय पर हस्तक्षेप करने का प्रयास किया? यदि नहीं, तो उसकी जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई?जब थाना प्रभारी, बार प्रबंधन और यहां तक कि जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी तक पर कार्रवाई हो सकती है, तो घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी की भूमिका की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं होनी चाहिए?

यह सवाल केवल एक पुलिसकर्मी का नहीं, बल्कि जवाबदेही और कानून के समान अनुपालन का है। यदि किसी पुलिसकर्मी से ड्यूटी के दौरान लापरवाही हुई है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि उसने परिस्थितियों के अनुसार उचित कार्रवाई की थी, तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।जनता अब यह जानना चाहती है कि क्या इस मामले में टाइगर मोबाइल जवान की भूमिका की जांच होगी, या फिर उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

ध्यान रखें कि जब तक आधिकारिक जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सिद्ध नहीं होती, तब तक उस पर दोष का निश्चित आरोप लगाने के बजाय सवाल उठाना और निष्पक्ष जांच की मांग करना अधिक उचित और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीका है।

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