सांसद सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी 10 लाख की इनामी महिला नक्सली शकुंतला महतो ने कोलकाता में किया आत्मसमर्पण


झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस के लिए वर्षों से सिरदर्द बनी 10 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी कमांडर शकुंतला महतो उर्फ पुष्पा ने आखिरकार हथियार डाल दिए हैं। कोलकाता के लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में उसने आत्मसमर्पण करते हुए एक एसएलआर राइफल और कारतूस पुलिस के हवाले किए।शकुंतला महतो का नाम वर्ष 2007 में हुए चर्चित सांसद सुनील महतो हत्याकांड से जुड़ा रहा है। पूर्वी सिंहभूम के बाकुरिया गांव में एक फुटबॉल मैच के दौरान तत्कालीन सांसद सुनील महतो पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में सांसद सुनील महतो, उनके दो सुरक्षाकर्मी और एक झामुमो नेता की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले की साजिश और क्रियान्वयन में शकुंतला की अहम भूमिका थी।पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी क्षेत्र की रहने वाली शकुंतला बेहद कम उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ गई थी। बाद में उसने स्क्वाड कमांडर अतुल महतो से विवाह किया और दलमा, सारंडा समेत कई इलाकों में सक्रिय रहकर संगठन के लिए काम करती रही। सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है।आत्मसमर्पण के बाद शकुंतला महतो ने हिंसा के रास्ते को गलत बताते हुए अपने पुराने साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उसने कहा कि बदलते समय में हथियारबंद संघर्ष का कोई भविष्य नहीं है और समाज के विकास के लिए शांति का मार्ग अपनाना जरूरी है।सुरक्षा एजेंसियां शकुंतला के आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मान रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि उसके मुख्यधारा में लौटने से अन्य सक्रिय नक्सलियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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