तुरामडीह विस्थापितों के समर्थन में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, अर्जुन मुंडा बोले- समझौते के क्रियान्वयन तक जारी रहेगा संघर्ष


जमशेदपुर : तुरामडीह माइंस से प्रभावित और विस्थापित परिवारों के अधिकार, सम्मान एवं न्यायपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर सोमवार को सुंदरनगर स्थित तुरामडीह माइंस गेट के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। तुरामडीह विस्थापित समिति के बैनर तले हुए इस आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर का खुला समर्थन मिला। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता धरनास्थल पहुंचे और विस्थापितों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।धरना-प्रदर्शन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पोटका विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान अर्जुन मुंडा ने विस्थापित परिवारों की मांगों को पूरी तरह न्यायोचित बताते हुए कहा कि पूर्व में नांदूप गांव के विस्थापितों और कंपनी प्रबंधन के बीच हुए समझौते को आज तक धरातल पर नहीं उतारा गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन को अपने वादों को पूरा करना चाहिए और विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।अर्जुन मुंडा ने कहा कि विस्थापित परिवारों द्वारा दिए गए मांगपत्रों पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आंदोलन को उसके सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाने और समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि तुरामडीह माइंस परियोजना के लिए नांदुप मौजा के कई परिवारों को अपना घर, जमीन और धार्मिक स्थल छोड़ने पड़े, लेकिन आज भी रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े कई मुद्दे लंबित हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा विस्थापितों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हक की आवाज बुलंद करती रहेगी।धरना-प्रदर्शन के दौरान यूसीआईएल तुरामडीह प्रबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए धरनास्थल पहुंचा। इस दौरान विस्थापितों, जनप्रतिनिधियों और कंपनी अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। वार्ता में रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा तथा अन्य लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कंपनी प्रबंधन ने मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक पहल और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।धरना के दौरान तुरामडीह विस्थापित समिति की ओर से कंपनी प्रबंधन को एक विस्तृत मांगपत्र भी सौंपा गया, जिसमें विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों की लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।कार्यक्रम में भाजपा के कई पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, विस्थापित समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रभावित परिवार उपस्थित रहे।

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