जमशेदपुर: मानगो डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में नशा एवं तंबाकू उत्पादों के खिलाफ विशेष जांच अभियान लगातार जारी है। हाल ही में पोटका विधायक संजीव सरदार के निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन और होमगार्ड जवानों को परिसर में गुटखा, खैनी, सिगरेट तथा अन्य नशीले पदार्थों के प्रवेश पर सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में शुक्रवार की दोपहर रोजाना की तरह चलाए जा रहे जांच अभियान के दौरान होमगार्ड जवानों ने एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली।
पूछताछ में वह स्वयं को मरीज का अटेंडर बता रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से गांजे की एक पुड़िया बरामद हुई। जवानों ने तत्काल नशीले पदार्थ को जब्त कर संबंधित व्यक्ति को कड़ी चेतावनी देते हुए फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने की हिदायत दी।सूत्रों के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों तक कई बार उनके परिजनों द्वारा ही गुटखा, खैनी, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ पहुंचाए जाते हैं। जबकि अस्पताल परिसर में तंबाकू एवं मादक पदार्थों के सेवन और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ लोग ओपीडी, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों तक ऐसे सामान पहुंचाने का प्रयास करते रहते हैं।
होमगार्ड जवानों की लगातार निगरानी के दौरान पहले भी कई लोगों से गुटखा, खैनी और सिगरेट बरामद होने पर जुर्माना वसूला जा चुका है। कई मामलों में लोगों को चेतावनी देकर उठक-बैठक भी कराई गई, लेकिन अस्पताल में नशीले पदार्थ लाने की प्रवृत्ति पूरी तरह थम नहीं रही है। जांच के दौरान कई बार लोगों द्वारा जवानों से बहस करने की घटनाएं भी सामने आती हैं, हालांकि सख्ती बरतने पर वे माफी मांग लेते हैं।अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए महिला होमगार्ड जवानों की भी तैनाती की गई है। महिला जवानों द्वारा महिलाओं की तलाशी ली जा रही है, जिनके पास से भी तंबाकू उत्पाद बरामद होने के मामले सामने आए हैं। बताया जाता है कि गेट पर कड़ी जांच को देखते हुए कुछ लोग महिलाओं के माध्यम से नशीले पदार्थ अस्पताल के भीतर पहुंचाने की कोशिश करते हैं।होमगार्ड जवानों की बढ़ी हुई सक्रियता का असर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भी दिखाई देने लगा है। नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जाने वाले लोगों को अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया जाता है। तीन माह से वेतन नहीं मिलने जैसी समस्याओं के बावजूद होमगार्ड जवान विधायक के निर्देशों का पालन करते हुए एमजीएम अस्पताल परिसर को नशामुक्त और अनुशासित बनाने में जुटे हुए हैं।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों को भी इस अभियान में सहयोग करना चाहिए, ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
Comments