पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि कैनल के किनारे बन रही सर्विस रोड के निर्माण कार्य की आड़ में वन विभाग की भूमि से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा था, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा वन भूमि से मिट्टी की खुदाई कराई जा रही थी। इस दौरान कई पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा और मौके पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए, जिससे भू-क्षरण और पर्यावरणीय असंतुलन की आशंका बढ़ गई है।मामले की सूचना मिलने पर गुड़ाबांदा प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच के दौरान एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि मशीन पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और उसका उपयोग कथित तौर पर अवैध खनन कार्य में किया जा रहा था। चालक के मौके पर मौजूद नहीं होने के कारण प्रशासन को मशीन को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।कार्रवाई के दौरान उसी मार्ग पर एक बालू लदा ट्रैक्टर भी लावारिस हालत में मिला। ट्रैक्टर का एक पहिया खुला हुआ था और आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन की आशंकाओं को बल मिला है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग से कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई कर उनका परिवहन भी किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-दहाड़े लकड़ी लदे वाहन क्षेत्र से गुजरते हैं, जिससे जंगलों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।हालांकि प्रशासन की ओर से जेसीबी जब्त कर कार्रवाई की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल मशीनों की जब्ती से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने अवैध खनन, बालू और लकड़ी तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गुड़ाबांदा में वन भूमि पर अवैध खनन का खुलासा, जेसीबी जब्त कर प्रशासन ने की कार्रवाई; बालू और लकड़ी तस्करी के आरोपों से बढ़ी चिंता
byAvinash Sharma
-
0
Comments