जमशेदपुर: टाटा मोटर्स के कंवाई (वाहन परिवहन) चालकों के अधिकारों और समस्याओं को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की गई है। चालक नेताओं का कहना है कि वर्ष 1970 से टाटा मोटर्स के भारी वाहनों और चेसिस को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने वाले चालक लगातार अपने कानूनी हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं।चालक नेता ज्ञान सागर प्रसाद ने कहा कि वर्षों से कंवाई चालक न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, वार्षिक बोनस, बीमा, बैंक भुगतान और अन्य श्रमिक सुविधाओं की मांग करते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उनका आरोप है कि आंदोलन के दौरान चालकों और उनके समर्थकों को कई तरह की प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ा, यहां तक कि झूठे मुकदमों और जेल भेजे जाने जैसी घटनाएं भी हुईं।उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स के चेसिस यार्ड गेट पर 1 मार्च 2024 से लगातार धरना जारी है। आंदोलनकारी चालकों का कहना है कि वे टाटा मोटर्स के लिए प्रत्यक्ष रूप से कार्य करते हैं और वाहन डिलीवरी के दौरान 24 घंटे जिम्मेदारी निभाते हैं, फिर भी उन्हें कर्मचारी का दर्जा और उससे जुड़ी सुविधाएं नहीं मिलती हैं।ज्ञान सागर प्रसाद ने कहा कि जमशेदपुर देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में से एक है और यह मुद्दा देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, ट्रेड यूनियनों और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।उन्होंने कहा कि कंवाई चालक अपने अधिकारों की लड़ाई स्वयं लड़ रहे हैं और जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।"चालकों का यह आंदोलन न्याय, सम्मान और श्रमिक अधिकारों की लड़ाई है, जो आगे भी जारी रहेगी।" – ज्ञान सागर प्रसाद(यह बयान आंदोलनकारी पक्ष द्वारा जारी किया गया है। मामले में टाटा मोटर्स या संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
टाटा मोटर्स कंवाई चालकों का संघर्ष जारी, हक और अधिकारों को लेकर फिर उठी आवाज
byAvinash Sharma
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