जमशेदपुर: साकची थाना क्षेत्र में अवैध लॉटरी और हब्बा-डब्बा के कथित कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस नेटवर्क में ऐसे लोगों की सक्रिय भूमिका है, जिनके नाम पहले भी हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आ चुके हैं।सूत्रों के अनुसार, साकची थाना क्षेत्र के करीब आठ अलग-अलग स्थानों पर अवैध लॉटरी का कारोबार संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग वर्ष 2022 के चर्चित आदित्यपुर सतबहानी ट्रिपल मर्डर कांड में आरोपी रह चुके हैं।बताया जाता है कि 9 जून 2022 को हुए ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में संतोष थापा, छोटू राम, दिनेश महतो, सेरु समेत छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। उस समय की जांच में कथित अवैध संबंध और हब्बा-डब्बा कारोबार को लेकर विवाद की बात भी सामने आई थी।स्थानीय सूत्रों का दावा है कि हाल ही में आर्म्स एक्ट के मामले में जेल से छूटकर आए छोटू राम, संतोष थापा, छोटू राम, दिनेश महतो द्वारा जमशेदपुर और सरायकेला के विभिन्न इलाकों में अवैध लॉटरी के कारोबार को दोबारा संगठित किया जा रहा है। वहीं, आरोप यह भी है कि कमल पासवान नामक व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क के संचालन और स्थानीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी संभाले हुए है।संरक्षण किसका?सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में नाम आने के बावजूद यदि ऐसे लोग खुलेआम अवैध कारोबार चला रहे हैं, तो उन्हें संरक्षण कौन दे रहा है? क्या मोटी रकम के दम पर कार्रवाई से बचने की कोशिश की जा रही है? यदि ऐसा है तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।जिला पुलिस पर टिकी निगाहेंअब लोगों की निगाहें पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस पर टिकी हुई हैं। क्या पुलिस इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर अवैध लॉटरी और हब्बा-डब्बा के कथित सिंडिकेट पर कार्रवाई करेगी, या फिर यह कारोबार पहले की तरह बेखौफ जारी रहेगा?
साकची में अपराधियों की एंट्री! ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी चला रहे 8 ठिकानों पर अवैध लॉटरी का कारोबार, संरक्षण किसका?
byAvinash Sharma
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