गोइलकेरा रेलवे फाटक के पास दर्दनाक हादसा: इतवारी-टाटा एक्सप्रेस की चपेट में आने से युवक की मौत, स्ट्रेचर नहीं मिलने से एक घंटे तक ट्रैक पर तड़पता रहा

चाईबासा :पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा रेलवे क्रॉसिंग के समीप मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक रेल दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गोइलकेरा के क्रिस्तान टोला, धातकीडीह निवासी सुखराम सांडिल के रूप में हुई है।जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे डाउन लाइन से गुजर रही ट्रेन संख्या 18110 इतवारी-टाटा एक्सप्रेस की चपेट में आने से सुखराम सांडिल गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह पुराना गोइलकेरा की ओर से रेलवे ट्रैक पर चलते हुए फाटक की तरफ आ रहा था। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसके दोनों पैर कट गए।घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान पहुंचे और एंबुलेंस बुलवाई। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने के कारण घायल युवक को करीब एक घंटे तक रेलवे ट्रैक से नहीं हटाया जा सका। इस दौरान वह गंभीर अवस्था में वहीं पड़ा रहा। घटना के कारण डाउन लाइन पर कुछ समय के लिए ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ।बाद में सुखराम सांडिल को गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचने पर रात करीब 12 बजे चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक के पिता संजय सांडिल और मां राधे सांडिल ने बताया कि सुखराम मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे वह घर से निकला था और शाम छह बजे परिवार से उसकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उसने घर लौटने की बात कही थी, लेकिन कुछ घंटों बाद हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है, जबकि स्थानीय लोग दुर्घटना के बाद राहत व्यवस्था में हुई देरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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