आयता सड़क हादसे पर नो एंट्री आंदोलन समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी,रमेश बालमुचू बोले- अब याचना नहीं, अधिकारों के लिए संघर्ष की जरूरत


चाईबासा: नो एंट्री आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बालमुचू के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने आयता गांव में हुए सड़क हादसे को लेकर उपायुक्त कार्यालय में आवेदन सौंपा। इस दौरान रमेश बालमुचू ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग की।उन्होंने कहा कि आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है, कई लोग घायल होकर अपंग हो रहे हैं और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन और सरकार के स्तर पर ठोस पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को केवल मांग करने के बजाय अपने अधिकार और भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।रमेश बालमुचू ने कहा कि नो एंट्री लागू करने को लेकर समिति के सदस्यों ने उपायुक्त, परिवहन मंत्री और राज्यपाल को आवेदन दिया है। इसके अलावा पदयात्रा कर मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास भी किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान ग्रामीणों को प्रशासन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा और कई लोगों को जेल भी जाना पड़ा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही नो एंट्री लागू नहीं करता है तो समिति आगे आंदोलन करने पर विचार करेगी।इस मौके पर रेयांस सामड, महेंद्र जामुदा, सन्नी संदीप देवगम, वीर सिंह बालमुचू, संदीप सरिल देवगम और उषा रानी सवैया सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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