जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग जागरूकता दिवस के अवसर पर टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा शहर के विभिन्न रेलवे क्रॉसिंग फाटकों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक और हेंडबिल वितरण के माध्यम से राहगीरों को रेलवे क्रॉसिंग पार करने के नियमों तथा दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम की शुरुआत शहर के सबसे अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में शामिल जुगसलाई रेलवे क्रॉसिंग और सुंदरनगर फाटक से की गई।
यहां सिविल डिफेंस टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को रेल फाटक पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। साथ ही लापरवाही से रेलवे क्रॉसिंग पार करने के दुष्परिणामों और रेल अधिनियम के तहत मिलने वाले दंड एवं सजा के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।इस अवसर पर सिविल डिफेंस टीम के सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि, "सॉर्टकट के लिए रेल लाइन या बंद फाटक पार करने का जोखिम न उठाएं। रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज का उपयोग करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।"उन्होंने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग पार करने से पहले लोगों को रुककर दोनों ओर देखना चाहिए,
सिग्नल पर ध्यान देना चाहिए और ट्रेन की सीटी की आवाज सुनकर पूरी तरह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि कोई ट्रेन नहीं आ रही है। फाटक बंद होने की स्थिति में उसके नीचे या ऊपर से निकलने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए।सिविल डिफेंस टीम द्वारा जुगसलाई स्थित पूर्व रेलवे क्रॉसिंग रोड ओवर ब्रिज, परसूडीह, करनडीह और सुंदरनगर रेलवे फाटक पर भी लोगों को जागरूक किया गया।जागरूकता अभियान में सिविल डिफेंस के सहायक प्रशिक्षक कल्याण कुमार साहू, डेमोंस्ट्रेटर गीता कुमारी, डी. आनंद राव, वीरेन्द्र कुमार, अनामिका मंडल, विनोद कुमार, रमेश कुमार, संजय कुमार, दीपक कुमार, सरस्वती मुर्मू और अमित कुमार ने सक्रिय भागीदारी निभाई।यह कार्यक्रम चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गरियान मृणाल के दिशा-निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं को शून्य स्तर तक लाना और लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
Comments