जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार अपने चरम पर पहुंच चुका है। सूत्रों के अनुसार, इलाके के आठ अलग-अलग ठिकानों पर खुलेआम इस अवैध धंधे का संचालन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि लगातार खबरें प्रकाशित होने और सवाल उठने के बावजूद कथित कारोबारियों के हौसले पस्त होने के बजाय और बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, साकची थाना अंतर्गत मुर्गा लाइन, मछली मार्केट, जलेबी लाइन के पीछे, मुर्गा मार्केट स्थित दारू दुकान के पीछे, मेन रोड स्थित करनाल होटल की गली में, करनाल होटल के बगल में तथा साकची सब्जी मंडी क्षेत्र समेत कुल आठ स्थानों पर नियमित रूप से यह अवैध कारोबार चल रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, जिससे आसपास का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।आरोप है कि खबरों के बाद भी संलिप्त लोगों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे आज भी बिना किसी भय के अपना कारोबार चला रहे हैं। यदि कानून का खौफ होता, तो खुलेआम इस तरह से अवैध गतिविधियों का संचालन संभव नहीं होता। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इन कथित कारोबारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है?स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि क्या इस अवैध कारोबार की कमाई का हिस्सा प्रभावशाली लोगों तक पहुंचता है, जिसके कारण कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है? हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।सबसे बड़ा सवाल यह है कि साकची थाना क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे इस अवैध कारोबार की जानकारी संबंधित तंत्र को नहीं है, या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। यदि प्रशासन को इसकी जानकारी है तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि जानकारी नहीं है, तो यह भी कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।अवैध लॉटरी, हब्बा-डब्बा और मटका जैसे कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इनके माध्यम से अपराध की जड़ें भी मजबूत होने की आशंका बनी रहती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इन कथित ठिकानों पर सख्त कार्रवाई होती है या फिर साकची में बेखौफ चल रहे इस अवैध कारोबार का सिलसिला यूं ही जारी रहता है।
साकची में कानून बेअसर? खबरों के बाद भी बेखौफ चल रहा अवैध लॉटरी का खेल, पुलिस का डर बेअसर! आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा कारोबार, या पहुंच रहा है सबका हिस्सा?
byAvinash Sharma
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