डुमरिया में बहिष्कृत परिवार का घर बना रहे बाहरी मजदूरों को ग्रामीणों ने रोका, पीड़िता ने थाने में की लिखित शिकायत।



पुर्वी सिहभूम जिले अन्तर्गत डुमरिया थाना क्षेत्र के कांटाशोल पंचायत के मारांसोंघा गाँव में 35 वर्षो से बहिष्कृत किए गए एक परिवार को सामाजिक प्रताड़ना का दंश झेलना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार द्वारा अपने पुराना घर का निर्माण कराने के लिए बाहर से बुलाए गए मजदूरों को गांव के कुछ दबंगों ने काम करने से रोक दिया।
निर्माण कार्य रुकने और दबंगई से तंग आकर पीड़िता प्रधान पाड़ेया ने डुमरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई है।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता का परिवार लंबे समय से गांव में बहिष्कृत जीवन जी रहा है। परिवार ने रहने के लिए अपना मकान बनाने का निर्णय लिया और इसके लिए बाहर से मजदूर बुलवाए गए थे। लेकिन आरोप है कि गांव के कुछ ग्रामीणों और दबंगों ने मौके पर पहुंचकर बाहरी मजदूरों को धमकी दी और काम करने से मना कर दिया।

पीड़िता का आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं और उनके बुनियादी अधिकारों व घर बनाने में भी अड़चनें पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मजदूरों को माना करने के बाद से ही परिवार का निर्माण कार्य ठप्प पड़ गया है, जिससे वे दहशत में हैं।

स्थानीय स्तर पर मामला नहीं सुलझने के बाद, पीड़िता प्रधान पाड़ेया ने डुमरिया पुलिस स्टेशन पहुंचकर नामजद लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए उचित कानूनी कार्रवाई करने और निर्माण कार्य में सहयोग प्रदान करने की मांग की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगी और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाएगी ताकि वे अपने घर का निर्माण सुरक्षित तरीके से पूरा कर सकें।

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