रेल यात्री संघर्ष समिति पूर्ववत सक्रिय रहेगीविधायक सरयू राय के आवास पर हुई समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले

राजनीतिक दलों की उदासीनता पर जताया गया अफसोस, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों को दिया धन्यवादजमशेदपुर :रेल यात्री संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक गुरुवार को विधायक सरयू राय के आवासीय कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में जमशेदपुर में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन की समीक्षा की गई तथा दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) द्वारा आंदोलन की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में रेल जीएम द्वारा यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने और मालगाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए यात्री ट्रेनों को खड़ा नहीं करने की घोषणा का स्वागत किया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि रेल यात्री संघर्ष समिति पूर्ववत सक्रिय रहेगी और जीएम द्वारा की गई घोषणाओं के अनुपालन की लगातार निगरानी करेगी। समिति यह भी देखेगी कि रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को दी गई सुविधाएं जमीन पर कितनी लागू हो रही हैं।बैठक में यह भी बताया गया कि रेल जीएम ने जमशेदपुर में एक जनसंपर्क इंस्पेक्टर की नियुक्ति का निर्देश डीआरएम को दिया है। संघर्ष समिति इस नियुक्ति और उसके कार्यकलापों पर भी नजर रखेगी ताकि रेल यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।समिति ने इस बात को गंभीरता से लिया कि रेलवे जीएम ने स्वयं स्वीकार किया है कि बीते दस वर्षों में जमशेदपुर और उसके आसपास रेलवे संरचना के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। बैठक में इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई गई और सवाल उठाया गया कि आखिर जमशेदपुर की इतनी उपेक्षा क्यों की गई। देशभर में वर्ष 2016-17 से अब तक रेलवे ढांचे और स्टेशनों के विकास पर खरबों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमशेदपुर को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं।बैठक में यह भी कहा गया कि जिन योजनाओं को आज रेलवे और जनप्रतिनिधियों द्वारा अरबों रुपये खर्च कर विकसित करने की बात कही जा रही है, वे योजनाएं पिछले वर्षों में ही पूरी कर ली जातीं तो आज यात्रियों को ट्रेनों की लेटलतीफी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। समिति ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।समीक्षा बैठक में इस बात पर भी अफसोस व्यक्त किया गया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन जदयू और आजसू को छोड़कर अन्य दलों ने सक्रिय भागीदारी नहीं दिखाई। हालांकि कुछ व्यावसायिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन को समर्थन दिया। चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के लिए समिति ने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।बैठक के दौरान विधायक सरयू राय ने पश्चिम सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी से दूरभाष पर बातचीत की। सांसद जोबा मांझी ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही तथा रेल जीएम से बात कर समिति की मांगों को गंभीरता से लागू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें पहले सूचना मिलती तो वह स्वयं बैठक में शामिल होतीं।बैठक में रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह, जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नीरज सिंह तथा अमित शर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।

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