चाईबासा सारंडा जंगल से CRPF जवान बादल मुर्मू 3 साल से लापता, पत्नी ने लगाई गुहार

चाईबासा के सारंडा जंगल क्षेत्र से CRPF की 197वीं बटालियन के जवान बादल मुर्मू पिछले लगभग तीन वर्षों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। इस मामले ने अब फिर से तूल पकड़ लिया है, जब उनकी पत्नी झानो मुर्मू ने वीडियो जारी कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पति की तलाश की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, जवान बादल मुर्मू जनवरी 2023 में कोल्हान-सारंडा जंगल क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान लापता हो गए थे। परिजनों को आशंका है कि नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों से सख्ती से पूछताछ की जाए ताकि जवान के बारे में कोई सुराग मिल सके।
पत्नी झानो मुर्मू ने झारखंड के डीजीपी, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री Amiचाईबासा के सारंडा जंगल क्षेत्र से CRPF की 197वीं बटालियन के जवान बादल मुर्मू पिछले लगभग तीन वर्षों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। इस मामले ने अब फिर से तूल पकड़ लिया है, जब उनकी पत्नी झानो मुर्मू ने वीडियो जारी कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पति की तलाश की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, जवान बादल मुर्मू जनवरी 2023 में कोल्हान-सारंडा जंगल क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान लापता हो गए थे। परिजनों को आशंका है कि नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों से सख्ती से पूछताछ की जाए ताकि जवान के बारे में कोई सुराग मिल सके।
पत्नी झानो मुर्मू ने झारखंड के डीजीपी, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि जवान का कोई पता नहीं चलता है तो उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए।
बताया जाता है कि बादल मुर्मू वर्ष 2011 से देश सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान घायल होने पर उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
इधर, पश्चिम सिंहभूम पुलिस प्रशासन का कहना है किt Shah तथा राष्ट्रपति Droupadi Murmu को पत्र भेजकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि जवान का कोई पता नहीं चलता है तो उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए।
बताया जाता है कि बादल मुर्मू वर्ष 2011 से देश सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान घायल होने पर उन्हें राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
इधर, पश्चिम सिंहभूम पुलिस प्रशासन का कहना है कि

Comments

और नया पुराने