विश्व रक्तदाता दिवस पर 'पुनीत जीवन' का सराहनीय प्रयास, महज 4 घंटे में हुआ 70 यूनिट रक्तदान; टीम पीएसएफ के सहयोग से जमशेदपुर ब्लड सेंटर को मिली बड़ी राहत


जमशेदपुर: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भीषण गर्मी के बीच सामाजिक संस्था 'पुनीत जीवन' द्वारा जमशेदपुर ब्लड सेंटर में 13वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संध्याकालीन इस विशेष शिविर में महज चार घंटे के भीतर 70 यूनिट रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की गई। संस्था का वर्ष 2026 का यह दूसरा रक्तदान शिविर था।शिविर का आयोजन शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक किया गया। गर्मी के मौसम में स्वैच्छिक रक्तदान में आई कमी के कारण जमशेदपुर ब्लड सेंटर में रक्त की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया।

बेटे की याद को बनाया मानव सेवा का अभियान'पुनीत जीवन' की यह पहल एक मां के अद्भुत संकल्प की कहानी भी बयां करती है। संस्था की प्रेरणास्रोत मंजू कुमारी ने कुछ वर्ष पूर्व अपने पुत्र पुनीत को खो दिया था। बेटे की यादों को जीवित रखने और समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को अपना मिशन बना लिया। आज उनके बेटे के नाम पर शुरू हुआ यह अभियान सैकड़ों जरूरतमंदों के जीवन बचाने का माध्यम बन चुका है।रक्तदाताओं का बढ़ाया गया उत्साहशिविर में रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें डीएसपी सीआईडी जमशेदपुर सतीश कुमार सिन्हा, पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, समाजसेवी मानिक मल्लिक, जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक तथा बागबेड़ा के उप मुखिया संतोष कुमार शामिल थे। शिविर के सफल संचालन में जमशेदपुर ब्लड सेंटर एवं प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन (टीम पीएसएफ) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
शतकवीर रक्तदाताओं का हुआ सम्मानइस अवसर पर 'पुनीत जीवन' ने शहर में रक्तदान के प्रति नई चेतना जगाने वाले टीम पीएसएफ के उन समर्पित रक्तदाताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने 100 या उससे अधिक बार रक्तदान कर समाज सेवा की मिसाल कायम की है। इन रक्तवीरों को अंग वस्त्र, मेमेंटो एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वालों में कुमारेस हाजरा, रवि शंकर, मनोरंजन गौड़, उत्तम कुमार गोराई, शुभेंदु मुखर्जी, कमल कुमार घोष, अजित कुमार भगत एवं अवधेश कुमार वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में मंजू कुमारी, उमेश जी सहित संस्था से जुड़े सदस्यों और स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।लॉन्ग 

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