घाटशिला, 6 जून। घाटशिला प्रखंड अंतर्गत बड़ाखुर्सी पंचायत के कुलियाना गांव में निर्माणाधीन वाटर फिल्टर प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट निर्माण में घटिया गुणवत्ता वाले जंग लगे सरियों (रॉड) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य की मजबूती और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण स्थल पर रखे गए अधिकांश सरियों में काफी मात्रा में जंग लगा हुआ है और उसी सामग्री का उपयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य जारी रहा तो भविष्य में प्लांट की सुरक्षा और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद साइट सुपरवाइजर मणिकांत तिवारी से सरियों की गुणवत्ता को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया, तो संतोषजनक जवाब देने के बजाय उन्होंने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और सवाल पूछने वालों के साथ दुर्व्यवहार किया।
इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है।घटना के दौरान मौके पर पहुंचे एक पत्रकार ने भी साइट सुपरवाइजर से इस संबंध में बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन पत्रकार के साथ भी कथित रूप से असहयोगात्मक और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है।मामले को लेकर जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, घाटशिला के जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी और संबंधित पक्ष को समझाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आवश्यक होने पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाएगी।हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद गांव के कई स्थानीय लोगों ने खुलकर बयान देने से परहेज किया। वहीं ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी महत्वपूर्ण जनहित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।(नोट : यह समाचार ग्रामीणों, मजदूरों एवं मौके पर मौजूद लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित एजेंसी अथवा साइट सुपरवाइजर का विस्तृत पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
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