सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की तैयारी, हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी करेगी स्पीड डिटेक्शन डिवाइस


राजनगर: हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राजनगर थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस प्रशासन ने इस व्यस्त मार्ग पर स्पीड डिटेक्शन डिवाइस (स्पीड गन) के माध्यम से वाहनों की रफ्तार पर नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए डिवाइस की टेस्टिंग प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग पर बीते कुछ समय से तेज रफ्तार के कारण सड़क हादसों में लगातार वृद्धि हुई है। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसों का प्रमुख कारण पाया गया है।इसी को देखते हुए राजनगर थाना पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए स्पीड डिटेक्शन डिवाइस की व्यवस्था की है। यह उपकरण मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की गति मापेगा और निर्धारित सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों की पहचान करेगा। इसके आधार पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की है।स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सड़क हादसों में कमी आने के साथ लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।अब हाता-चाईबासा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। ऐसे में वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित सफर को प्राथमिकता दें।

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