जमशेदपुर, 6 जून। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके अधिकारों के हनन का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है। मामले की शिकायत सिटी एसपी से किए जाने के बाद उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ छीनतई की घटना हुई थी। घटना की पीड़िता का पक्ष जानने और उसका बयान (बाइट) लेने के लिए एक पत्रकार बिष्टुपुर थाना पहुंचे थे। इसी दौरान थाना में मौजूद कुछ पुलिस अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि थाना परिसर में धारा 144, जो वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू होती है, प्रभावी रहती है और ऐसी स्थिति में वहां बाइट लेना नियमों के विरुद्ध है।पत्रकार ने जब संबंधित अधिकारियों से यह अनुरोध किया कि यदि वास्तव में धारा 163 लागू है तो अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) द्वारा जारी आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि इसकी पुष्टि की जा सके, तो आरोप है कि उक्त अधिकारी इस मांग पर नाराज हो गए और उनका व्यवहार आक्रामक हो गया।इस पूरे घटनाक्रम को प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी शिकायत सिटी एसपी ललित मीणा से की गई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सिटी एसपी ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।पत्रकारों का कहना है कि समाचार संकलन लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और पत्रकारों को अपने पेशेगत दायित्वों का निर्वहन करने से रोकना उचित नहीं है। यदि किसी स्थान पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू हो, तो उसका विधिवत लिखित आदेश उपलब्ध कराया जाना चाहिए।हालांकि, इस मामले में बिष्टुपुर थाना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।(यह समाचार शिकायतकर्ता पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
बिष्टुपुर थाना में पत्रकारों के अधिकारों का हनन! सिटी एसपी से शिकायत
byAvinash Sharma
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